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| Poetry By Furkan S Khan |
फखरपुर के लड़के, की ये 10 शायरी हैं फेमस, कई लोग शेयर करते हैं सोशल मीडिया पर लेकिन जानता कोई नहीं है की ये शायरी फुरकान एस खान की हैं फुरकान एस खान सऊदी में हैं और कभी कभी वो एक हिंदी शायरी की वेबसाइट पर शायरी लिखते रहते हैं हाल ही में उन्होंने यह शायरी लिखी थी.
पढ़े फुरकान एस खान की ये कुछ शायरी
01 " गुजार दी हमने तमाम उम्र सफर में फुरकान वो कहते हैं हमने क्या खोया हमने क्या पाया " Furkan S Khan 02 " कोई बेचैन है सफर के लिए कोई बेचैन है घर के लिए कोई हमें भी तो देखो हम बेचैन हैं इन सब के लिए ". Furkan S Khan 03 " आईना देख कर नासाज रहते हैं बेचैन करती हैं जब तन्हाई तो तुम्हारी तस्वीरें देख कर हम साद रहते हैं हम रोते बहुत हैं जब तुम्हे याद रहते हैं ". Furkan S Khan 04 " शम्स भी साथ चलते हैं कमर भी साथ चलते हैं हमारी बेबशी तो देखो फुरकान बस इस अमीरी के सफर में हमसफर ना साथ चलते ". Furkan S Khan 05 " क्या खुशनुमा रौनक होती थी उसकी एक मुस्कान से सदियां गुजर गए आसमा को अपना रुक्सार ढके हुवे ". Furkan S Khan 06 " इस इश्क़-ए-जमील पर मासूम सी उदासी क्यों है क्या तुमसे भी किसी ने वादा किया है साथ चलने का ". Furkan S Khan 07 " भुला दो सभी गम इस जहां-ए-फानी के यहां बुतों का एक लशक है यहां इश्क़ का नहीं कुफ्र ओ फरेब का अदल कायम है ". Furkan S Khan 08 " जो हमपे गुजरी वो रानायी लिख रहा हूँ लोग क्या जाने मैं सदियों की गुजरी तन्हाई लिख रहा हूँ ". Furkan S Khan 09 " कटी है आज इस तरह से उंगली मेरी लगता है किसी ने मेरे नाम की हिना सजाई है ". Furkan S Khan 10 " इस बेनियाज़-ए-सफर में इश्क़ की रानाइयाँ लिखता रहा जब भी देखा तुझे ख्वाब में अपनी बेबसी की तनहाइयाँ लिखता रहा ". Furkan S Khan 11 " फसाने लिखे जो भी तेरे हुस्न पर अफसाने बन गए लिखे जो अल्फाज तारीफ में तराने बन गए कही जो बात इश्क़ की तो दुश्मन जमाने बन गए ". Furkan S Khan
